कहाँ सुनते हैं
ससुराल
ससुराल में सुनी जाने वाली बातें। जो जानी-पहचानी लगे, उसे चुनिए।
- ““बेटा, तुमसे किसी ने राय नहीं माँगी।”” इतना क्यों चुभता है?
- ““माँ ने कुछ सिखाया नहीं क्या?”” इतना क्यों चुभता है?
- ““मेरे बेटे ने तो आज तक एक बर्तन नहीं धोया।”” इतना क्यों चुभता है?
- ““रोज़ मम्मी को फ़ोन करता है न?”” इतना क्यों चुभता है?
- ““हर वक़्त फ़ोन में ही घुसे रहते हो, है ना?”” इतना क्यों चुभता है?
- “अच्छी बहू तो वही जो…” इतना क्यों चुभता है?
- “आजकल तो आप आते ही नहीं हमारे यहाँ” इतना क्यों चुभता है?
- “ऐसे बनाना किसने सिखाया तुम्हें?” इतना क्यों चुभता है?
- “और, गुड न्यूज़ कब सुना रहे हो?” इतना क्यों चुभता है?
- “तुमने हमारे बेटे को बदल दिया” इतना क्यों चुभता है?
- “तुम्हारे मम्मी-पापा तो कभी आते ही नहीं, है ना?” इतना क्यों चुभता है?
- “धीरे-धीरे सीख जाएँगे, हमारे यहाँ ऐसे ही चलता है” इतना क्यों चुभता है?
- “नौकरी कब तक चलेगी?” इतना क्यों चुभता है?
- “मम्मी-पापा महीने भर के लिए आ रहे हैं” इतना क्यों चुभता है?
- “हम तो तुम्हारे भले के लिए ही कह रहे हैं” इतना क्यों चुभता है?
- “हमारा घर आपके मायके जैसा नहीं है, समझ लीजिए” इतना क्यों चुभता है?
- “हमारा बेटा तो किसी से भी शादी कर सकता था” इतना क्यों चुभता है?
- “हमारी बड़ी बहू ने तो कभी उफ़ तक नहीं की” इतना क्यों चुभता है?
- “हमारे घर में तो ऐसे ही होता है” इतना क्यों चुभता है?
- “हमारे यहाँ ये त्योहार ऐसे नहीं मनाते” इतना क्यों चुभता है?