कहाँ सुनते हैं
उम्र और बड़ा होना
उम्र और बड़ा होना में सुनी जाने वाली बातें। जो जानी-पहचानी लगे, उसे चुनिए।
- “अब आप बच्चे नहीं रहे!” इतना क्यों चुभता है?
- “अब इस उम्र में क्या शुरू करोगे?” इतना क्यों चुभता है?
- “अभी तक मम्मी-पापा के साथ ही रहते हैं?” इतना क्यों चुभता है?
- “अभी तुम्हारी उम्र ही क्या है, तुम्हें क्या पता!” इतना क्यों चुभता है?
- “आजकल के बच्चों में लिहाज़ ही नहीं रहा” इतना क्यों चुभता है?
- “इतनी सी उम्र में थक गए?” इतना क्यों चुभता है?
- “इतने साल हो गए, अब तक क्या किया?” इतना क्यों चुभता है?
- “इस उम्र में तो समझ आ जानी चाहिए” इतना क्यों चुभता है?
- “इस उम्र में यही पहनना है?” इतना क्यों चुभता है?
- “इस उम्र में ये सब?” इतना क्यों चुभता है?
- “उम्र निकली जा रही है, भई” इतना क्यों चुभता है?
- “कभी तो समझदारी दिखाओ!” इतना क्यों चुभता है?
- “जवानी के दिन हैं, मज़े कर लो” इतना क्यों चुभता है?
- “तुम्हारी उम्र में तो हम पहले ही…” इतना क्यों चुभता है?
- “पहले तो कितने अच्छे बच्चे थे आप!” इतना क्यों चुभता है?
- “बचपन से ही कितने समझदार थे आप!” इतना क्यों चुभता है?
- “बचपना बंद करो, अपनी उम्र का लिहाज़ करो” इतना क्यों चुभता है?
- “बड़े होगे तो समझ जाओगे” इतना क्यों चुभता है?
- “ये क्या बचपना है?” इतना क्यों चुभता है?
- “सोच लो, बाद में पछताना पड़ेगा” इतना क्यों चुभता है?