कहाँ सुनते हैं
माँ-बाप होना
माँ-बाप होना में सुनी जाने वाली बातें। जो जानी-पहचानी लगे, उसे चुनिए।
- “अभी तक चलता नहीं?” इतना क्यों चुभता है?
- “अभी तक रात भर नहीं सोता?” इतना क्यों चुभता है?
- “आप इन्हें बहुत ढील देते हैं” इतना क्यों चुभता है?
- “आपका बच्चा इतना चुप क्यों रहता है?” इतना क्यों चुभता है?
- “इतनी सख़्ती? बच्चे हैं अभी” इतना क्यों चुभता है?
- “इसे खिलाते-पिलाते भी हो?” इतना क्यों चुभता है?
- “ऐसे पालते हैं बच्चे को?” इतना क्यों चुभता है?
- “घर पर और रहा करो, बाद में बहुत पछताओगे” इतना क्यों चुभता है?
- “पेरेंट्स, सबने सबमिट कर दिया क्या?” इतना क्यों चुभता है?
- “फ़ोन में ही घुसे रहते हो, बच्चा खेल रहा है” इतना क्यों चुभता है?
- “बच्चे किसके भरोसे छोड़कर जाते हो?” इतना क्यों चुभता है?
- “बच्चे को ये सब क्यों खाने देते हो?” इतना क्यों चुभता है?
- “बच्चे को हर वक़्त गोद में ही उठाए रहते हो” इतना क्यों चुभता है?
- “बस एक ही बच्चा?” इतना क्यों चुभता है?
- “बस पाँच मिनट!” इतना क्यों चुभता है?
- “रोने दे, फेफड़े मज़बूत होते हैं” इतना क्यों चुभता है?
- “ला, बच्चे को मुझे दे, मैं सँभालती हूँ” इतना क्यों चुभता है?
- “सिर पर चढ़ा रखा है बच्चे को” इतना क्यों चुभता है?
- “हमारे ज़माने में बच्चे बड़ों की सुनते थे” इतना क्यों चुभता है?
- “हाँ-हाँ, सुन लिया मैंने!” इतना क्यों चुभता है?