कहाँ सुनते हैं
शादी और घर बसाना
शादी और घर बसाना में सुनी जाने वाली बातें। जो जानी-पहचानी लगे, उसे चुनिए।
- “अकेले तुम्हारा मन कैसे लगेगा?” इतना क्यों चुभता है?
- “अब तो सेटल हो जाओ, घर बसा लो” इतना क्यों चुभता है?
- “अभी तक सिंगल?” इतना क्यों चुभता है?
- “आख़िर चाहिए क्या आपको, ठीक-ठीक?” इतना क्यों चुभता है?
- “इतना भी क्या छाँटना?” इतना क्यों चुभता है?
- “और, शादी की कोई बात बनी?” इतना क्यों चुभता है?
- “कल को कौन देखेगा आपको, कौन ख़याल रखेगा?” इतना क्यों चुभता है?
- “कुछ गड़बड़ है क्या तुम्हारे साथ?” इतना क्यों चुभता है?
- “क्यों मना कर दिया?” इतना क्यों चुभता है?
- “तुम्हारे सारे दोस्तों की तो शादी हो गई” इतना क्यों चुभता है?
- “लोग बातें बनाने लगे हैं” इतना क्यों चुभता है?
- “वक़्त निकला जा रहा है, बेटा” इतना क्यों चुभता है?
- “वैसे, लव मैरिज या अरेंज्ड?” इतना क्यों चुभता है?
- “शादी कब कर रहे हो?” इतना क्यों चुभता है?
- “शादी के बाद सब ठीक हो जाता है” इतना क्यों चुभता है?
- “शादी में सब तुम्हारे बारे में पूछ रहे थे” इतना क्यों चुभता है?
- “हम तो बस यही चाहते हैं कि तुम सेटल हो जाओ” इतना क्यों चुभता है?
- “हमने तेरे लिए रिश्ता देख लिया है” इतना क्यों चुभता है?
- “हमेशा सिंगल थोड़ी रहना है!” इतना क्यों चुभता है?