कहाँ सुनते हैं
ऑनलाइन
ऑनलाइन में सुनी जाने वाली बातें। जो जानी-पहचानी लगे, उसे चुनिए।
- ““अरे यार, बस अचानक प्लान बन गया था।”” इतना क्यों चुभता है?
- ““आपके 37 नए नोटिफ़िकेशन हैं।”” इतना क्यों चुभता है?
- ““बस एक और ख़बर, फिर फ़ोन बंद।”” इतना क्यों चुभता है?
- ““भाई, तुझे पता भी है तू बोल क्या रहा है?”” इतना क्यों चुभता है?
- ““सबसे पहले इसे लाइक करें।”” इतना क्यों चुभता है?
- “HBD! पार्टी कब है?” इतना क्यों चुभता है?
- “अरे, बस फ़ॉलो लिस्ट की सफ़ाई चल रही थी!” इतना क्यों चुभता है?
- “अरे… ये शायद इस ग्रुप के लिए नहीं था?” इतना क्यों चुभता है?
- “एडमिन ने आपको ग्रुप से हटा दिया” इतना क्यों चुभता है?
- “ओके” इतना क्यों चुभता है?
- “कितना क्रिंज है ये!” इतना क्यों चुभता है?
- “क्या फ़ोन-फ़ोन लगा रखा है हर टाइम?” इतना क्यों चुभता है?
- “ग्रुप में किसी ने जवाब नहीं दिया” इतना क्यों चुभता है?
- “डिलीट कर दो इसे” इतना क्यों चुभता है?
- “पोस्ट कर दी है!” इतना क्यों चुभता है?
- “ब्लू टिक हो गया, जवाब नहीं आया” इतना क्यों चुभता है?
- “मेरी पोस्ट लाइक क्यों नहीं की?” इतना क्यों चुभता है?
- “ये देखो क्या मिला!” इतना क्यों चुभता है?
- “ये सब डालने की क्या ज़रूरत थी?” इतना क्यों चुभता है?
- “सब कितने ख़ुश दिखते हैं ऑनलाइन” इतना क्यों चुभता है?
- “हमने नया ग्रुप बनाया है” इतना क्यों चुभता है?