कहाँ सुनते हैं
इल्ज़ाम
इल्ज़ाम में सुनी जाने वाली बातें। जो जानी-पहचानी लगे, उसे चुनिए।
- ““ज़रूर तुमने ही किया होगा, है ना?”” इतना क्यों चुभता है?
- ““तुम तो हर चीज़ का बंटाधार कर देते हो।”” इतना क्यों चुभता है?
- ““तुमने मुझे रोका क्यों नहीं?”” इतना क्यों चुभता है?
- ““तुमने याद क्यों नहीं दिलाया?”” इतना क्यों चुभता है?
- ““तुम्हें इतना तो पता होना चाहिए था।”” इतना क्यों चुभता है?
- ““तो और किसका क़सूर है, बताओ?”” इतना क्यों चुभता है?
- ““मुझे मत कहो, पूछा तो तुमने ही था।”” इतना क्यों चुभता है?
- ““लो, अब देखो क्या हो गया।”” इतना क्यों चुभता है?
- ““शुरू तो तुमने ही किया था।”” इतना क्यों चुभता है?
- ““सब तुम्हारी वजह से हुआ है।”” इतना क्यों चुभता है?
- “इतना भी ढंग से नहीं हो सकता तुमसे?” इतना क्यों चुभता है?
- “कभी फ़ोन भी कर लिया करो” इतना क्यों चुभता है?
- “तुमने पिछली बार भी बिल्कुल यही किया था” इतना क्यों चुभता है?
- “तुम्हारा हर बार का यही है” इतना क्यों चुभता है?
- “तुम्हें तो बस जलन हो रही है” इतना क्यों चुभता है?
- “तेरी वजह से लेट हो गए” इतना क्यों चुभता है?
- “थोड़ा एडजस्ट कर लो, बात का बतंगड़ मत बनाओ” इतना क्यों चुभता है?
- “बहाने मत बनाओ” इतना क्यों चुभता है?
- “मैंने कहा था न!” इतना क्यों चुभता है?
- “हर बात तुम्हारे बारे में नहीं होती” इतना क्यों चुभता है?