कहाँ सुनते हैं
ताने
ताने में सुनी जाने वाली बातें। जो जानी-पहचानी लगे, उसे चुनिए।
- “आलस की भी हद होती है!” इतना क्यों चुभता है?
- “इतनी ओवरएक्टिंग मत करो” इतना क्यों चुभता है?
- “इतने चुप क्यों हो?” इतना क्यों चुभता है?
- “उम्र देखो अपनी, बचपना छोड़ो” इतना क्यों चुभता है?
- “ख़ुद को क्या समझते हो?” इतना क्यों चुभता है?
- “चुप कर, तुझसे किसने पूछा?” इतना क्यों चुभता है?
- “तुम बहुत बोलते हो” इतना क्यों चुभता है?
- “तुम बहुत स्लो हो!” इतना क्यों चुभता है?
- “तुमसे एक काम ढंग से नहीं होता” इतना क्यों चुभता है?
- “तुम्हें क्या पता?” इतना क्यों चुभता है?
- “बेवकूफ़ हो क्या?” इतना क्यों चुभता है?
- “मर्द बन, लड़कियों की तरह मत रो” इतना क्यों चुभता है?
- “रोना बंद करो” इतना क्यों चुभता है?
- “हर बात में ज़िद क्यों करनी है?” इतना क्यों चुभता है?